-राजेश
त्यागी/ २० अक्टूबर २०१४
जनवरी १९३३ में हिटलर और उसकी नाज़ी पार्टी जर्मनी में सत्ता में आ
गए. जर्मनी में, जहां दुनिया की सबसे विकसित सर्वहारा
पार्टियां मौजूद थीं, जिनके पास न सिर्फ विशाल जन-संगठन
मौजूद थे, बल्कि बड़ी संख्या में सशस्त्र दस्ते भी थे,
कैसे पराजित हुईं, इसे समझना नई पीढ़ियों के
लिए, उन सबके लिए जो फासीवाद, पूंजीवाद
के विरुद्ध संघर्ष करना चाहते हैं, बहुत महत्वपूर्ण है.
हिटलर
का सत्ता में आ जाना, वास्तव में स्टालिन के नेतृत्व के तहत
कोमिन्टर्न की गलत नीतियों का परिणाम था. ये नीतियां पिछले एक दशक से जारी थीं और इस गलत समझ पर आधारित थीं कि पूंजीवाद के विरुद्ध संघर्ष के बगैर, फासिज्म के खिलाफ लड़ा जा सकता है.