- राजेश त्यागी
अपने बेटे अभिनव को नेता बनाने को लालायित शशि प्रकाश ने उसके नाम से अपनी पारिवारिक पत्रिका 'दिशासंधान' में “त्रात्स्कीपन्थ से लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविकों का संघर्ष” नामक जो लेख लिखा है उस पर हमने क्रमशः टिप्पणियों की एक श्रृंखला प्रकाशित की है, जिसकी पांच क़िस्त नीचे प्रस्तुत है:
सर्कस के शो में शेरों के चले जाने के बाद, जोकर मंच पर आते हैं शेरों की नक़ल करने और अगले शो तक उछल-कूद करते दर्शकों का मनोरंजन करने. ऐसे ही मंदबुद्धि जोकर हैं RCLI वाले, ‘दिशासंधान’ के संपादक!
अपने बेटे अभिनव को नेता बनाने को लालायित शशि प्रकाश ने उसके नाम से अपनी पारिवारिक पत्रिका 'दिशासंधान' में “त्रात्स्कीपन्थ से लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविकों का संघर्ष” नामक जो लेख लिखा है उस पर हमने क्रमशः टिप्पणियों की एक श्रृंखला प्रकाशित की है, जिसकी पांच क़िस्त नीचे प्रस्तुत है:
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क़िस्त-१
सर्कस के शो में शेरों के चले जाने के बाद, जोकर मंच पर आते हैं शेरों की नक़ल करने और अगले शो तक उछल-कूद करते दर्शकों का मनोरंजन करने. ऐसे ही मंदबुद्धि जोकर हैं RCLI वाले, ‘दिशासंधान’ के संपादक!