मई दिवस. अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस. विश्व-सर्वहारा का ऐतिहासिक पर्व!
जबकि छद्म-वामियों की एक पूरी भीड़, मई दिवस के
महत्त्व को, काम के घंटे कम करने जैसे सुधारों तक घटाती आ रही है और आज भी उसी पर
आमादा है, पिछली डेढ़ सदी में मई दिवस को युगांतरकारी महत्त्व हासिल हो चुका है.
चार सर्वहारा अन्तर्राष्ट्रीयों की स्थापना और उनके लिए संघर्ष तथा अक्टूबर
क्रांति की ऐतिहासिक विजय ने मई दिवस को नए क्रान्तिकारी आयाम दिए हैं, उसे नए
शस्त्रास्त्रों से सज्जित किया है और नए ऐतिहासिक सोपानों पर प्रतिष्ठित किया है.
मई दिवस अब श्रम की दशाओं में सुधारों के लिए संघर्ष का नहीं, बल्कि उजरती श्रम के
पूर्ण उन्मूलन और विश्व-पूंजीवाद के ध्वंस के लिए क्रान्तिकारी उदघोष का पर्याय बन
चुका है.