अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर ‘वर्कर्स सोशलिस्ट पार्टी’ की ओर से जारी पत्रक
दुनिया में पूंजीवाद
के अनवरत प्रसार ने, विज्ञान और तकनीक के सहारे, एक सदी से भी पहले, इस दुनिया को,
अभावों और विपन्नता की दलदल से निकालकर, इतिहास में पहली बार, संसाधनों और उत्पादन
की प्रचुरता के दौर में पहुंचा दिया था.
मगर पूंजी के मालिकों ने मानवजाति की इन तमाम शानदार उपलब्धियों पर पानी फेरते हुए, तमाम संसाधनों और दौलत को जबरन हथिया लिया और आबादी की बहुसंख्या को, करोड़ों-करोड़ मजदूरों-मेहनतकशों को, इनसे वंचित करते हुए, उन्हें और भी बदतर, नारकीय जीवन में धकेल दिया. इस तरह, मुनाफाखोर थैलीशाहों ने, अथाह दौलत और सम्पन्नता के बीच, दुनिया में कृत्रिम अभावों और विपन्नता की सृष्टि कर दी और एक ऐसी दुनिया को जन्म दिया जिसमें एक छोर पर असीमित प्रचुरता तो दूसरे पर घोर दरिद्रता मौजूद है.
मगर पूंजी के मालिकों ने मानवजाति की इन तमाम शानदार उपलब्धियों पर पानी फेरते हुए, तमाम संसाधनों और दौलत को जबरन हथिया लिया और आबादी की बहुसंख्या को, करोड़ों-करोड़ मजदूरों-मेहनतकशों को, इनसे वंचित करते हुए, उन्हें और भी बदतर, नारकीय जीवन में धकेल दिया. इस तरह, मुनाफाखोर थैलीशाहों ने, अथाह दौलत और सम्पन्नता के बीच, दुनिया में कृत्रिम अभावों और विपन्नता की सृष्टि कर दी और एक ऐसी दुनिया को जन्म दिया जिसमें एक छोर पर असीमित प्रचुरता तो दूसरे पर घोर दरिद्रता मौजूद है.