बिहार के मुख्यमंत्री नितीश ने राजद-जदयू गठबंधन तोड़ते हुए त्यागपत्र दे दिया. बिहार में इस गठबंधन के टूटने से भाजपा के विरुद्ध देशव्यापी विपक्षी गठबंधन की बची-खुची संभावनाएं और धूमिल हो गईं.
नितीश के त्यागपत्र का फौरी उद्देश्य, प्रतिपक्षी राजद और उसके नेता लालू यादव को किनारे लगाना और भाजपा नीत केंद्र सरकार के साथ पटरी बिठाना है. नितीश द्वारा त्यागपत्र की घोषणा के चंद घंटों के भीतर ही भाजपा ने बिहार में न सिर्फ नितीश को समर्थन बल्कि सांझी सरकार की घोषणा कर दी. यह संदेह से परे है कि नितीश ने लम्बे समय से भाजपा से सांठगांठ की थी और नई सरकार के लिए रास्ता साफ़ कर लिया था.
नितीश के त्यागपत्र का फौरी उद्देश्य, प्रतिपक्षी राजद और उसके नेता लालू यादव को किनारे लगाना और भाजपा नीत केंद्र सरकार के साथ पटरी बिठाना है. नितीश द्वारा त्यागपत्र की घोषणा के चंद घंटों के भीतर ही भाजपा ने बिहार में न सिर्फ नितीश को समर्थन बल्कि सांझी सरकार की घोषणा कर दी. यह संदेह से परे है कि नितीश ने लम्बे समय से भाजपा से सांठगांठ की थी और नई सरकार के लिए रास्ता साफ़ कर लिया था.