खरबपतियों की दलाल, मोदी सरकार द्वारा, जनधन पर हमले के खिलाफ, मोर्चा खोलो!
नोटबंदी के खिलाफ देशभर में
व्यापक संघर्ष छेड़ो!
देशी-विदेशी सभी बैंकों की
बिना मुआवजा तुरंत जब्ती हो!
सभी बैंकों को मेहनतकश जनता के
नियंत्रण में दो!
अडानी-अम्बानी द्वारा निर्देशित मोदी सरकार ने, नोटबंदी के
नाम पर जनधन पर खुला हमला बोल दिया है. दशकों में, आम मेहनतकश जनता ने जो कुछ भी
जोड़ा-बचाया था, पूंजीपतियों ने, उस सबको ठग लेने के लिए जाल बिछाया है.
सत्ता और सरकार के शीर्ष पर बैठे लोगों ने, बैंकों में जमा
जनधन से, आठ हज़ार करोड़ रुपये देकर, शराब व्यापारी विजय माल्या को देश से ही भगा
दिया. कल गौतम अडानी को उससे भी बड़ा पैकेज दिया है. बैंकों में जमा, शेष लाखों-लाख करोड़ जनधन की भी इसी तरह, कॉर्पोरेट,
मुनाफाखोरों और बड़े पूंजीपतियों को कर्जों और रियायतों के बतौर बन्दरबांट की जा रही है.