- राजेश त्यागी/ ११
जुलाई २०१५
११ सितम्बर १९७३ को,
चिली में परिपक्व होती हुई क्रांति, हिंसा और आतंक के जरिये उलट दी गई. यह
प्रतिक्रांतिकारी सैनिक तख्तापलट सीधे निक्सन प्रशासन और सीआईए द्वारा निदेशित था.
तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हेनरी किसिंजर इस पूरे ऑपरेशन का
मुख्य संचालक था. यह तख्तापलट, एक क्रांति-विरोधी श्रृंखला की कड़ी था, जिसके तहत
अमेरिका द्वारा अनुप्रेरित सैनिक षड्यंत्रों के जरिये, लैटिन अमेरिका के विभिन्न
देशों - ब्राज़ील (१९६४), बोलीविया (१९७१), उरुग्वे (१९७३), अर्जेंटीना (१९७६) - पर सैनिक तानाशाही लाद दी गई थीं.
इस प्रतिक्रांति ने,
चिली में, राष्ट्रपति सल्वादोर अलेंदे के नेतृत्व वाली निर्वाचित संयुक्त मोर्चा
सरकार को उखाड़ फेंककर, जनरल ऑगस्तो पिनोशे की अगुवाई में फासिस्ट सत्ता स्थापित
की, जो अगले १७ वर्ष कायम रही. इन सत्रह वर्षों में चिली में बूर्ज्वा आतंक और
हिंसा का नंगा राज्य कायम रहा जिसके दौरान हजारों क्रान्तिकारी युवा और जुझारू
मजदूर मौत के घाट उतारे गए, गायब कर दिए गए, या जेलों में उन्हें अमानवीय यातनाएं
दी गईं.