- राजेश त्यागी/ १७.२.२०१७
पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की ऊहापोह के
चलते, मोदी सरकार ने, जनता से छिपकर और विपक्ष की चुप्पी के बीच,
एक बड़े राजनीतिक कारनामे को अंजाम दे दिया है.
सातवें अमेरिकी युद्धपोत बेड़े, ‘आरमाडा’
के युद्धपोतों सहित दूसरे अमेरिकी निगरानी और आपूर्ति पोतों की मरम्मत,
रखरखाव और ईंधन भराई के लिए, गुजरात के पिपावाव
में विशाल पोत-कारखाना खोलने के लिए, ‘रिलायंस डिफेन्स एंड इंजीनियरिंग’ और
अमेरिकी नौसेना के बीच ‘मुख्य पोत मरम्मत समझौते’ पर
हस्ताक्षर हो गए हैं. पोत-कारखाने को विकसित करने के लिए गुजरात सरकार ने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दबाव में, चुपचाप ‘रिलायंस
डिफेन्स एंड इंजीनियरिंग’ को सैंकड़ों करोड़ की मदद दी है.