‘रेड हंड्रेड’ संगठित करो!
फासीवाद के विरुद्ध ‘संयुक्त मोर्चा’ बनाओ !
एक के बाद दूसरी पूंजीवादी पार्टियों के, दशकों से चले आए
भ्रष्ट कुशासन का लाभ उठाकर, अंततः फासिस्ट भाजपा सत्ता में आ गई. आकंठ, आर्थिक और
राजनीतिक संकट में डूबे पूंजीपतियों ने फासीवाद के सामने समर्पण कर दिया है.
फासीवाद उभार पर है! इसके उभार ने, सामाजिक और राजनीतिक जीवन के तमाम
पहलुओं के लिए खतरा पैदा कर दिया है. इसकी हिट-लिस्ट में शामिल हैं- मजदूर,
मेहनतकश, गरीब और वंचित.
फासिस्ट, बड़े कॉर्पोरेट के आतंकी कारिंदों और अमीरों,
संभ्रांतों द्वारा प्रायोजित हिंसक आन्दोलन के सिवा कुछ नहीं हैं. पूंजीवाद एक बार
फिर अपने बर्बर और पाशविक दांत दिखा रहा है. एक समूची सदी का क्रान्तिकारी अनुभव
हमें निर्णायक रूप से दिखाता है कि फासीवाद से विवाद व्यर्थ है, उसे कुचलना ही होगा.