मजदूर और किसान साथियों,
बड़े पूंजीपतियों के नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने,
गरीबों, मेहनतकशों के खिलाफ अपना हमला जारी रखते हुए, भूमि-अधिग्रहण कानून में ऐसे
बदलावों की योजना बनाई है, जिससे किसानों की जमीनों को जबरन जब्त करना बहुत आसान हो
जायगा. इससे पहले कांग्रेस और सपा, राजद, जदयू, जैसी तमाम पूंजीवादी पार्टियां भी यही
सब करती रही हैं. पश्चिम बंगाल में स्तालिनवादियों ने भी सिंगूर और नंदीग्राम में
इसी तरह निहत्थे किसानों पर दमनचक्र चलाया था.
मेहनतकश साथियो, हरे, नीले, भगवा, लाल झंडों और
झूठे नारों के पीछे छिपी ये पार्टियां, नेता और सरकारें, पूंजीपतियों के हित में
काम करती हैं, और गरीब, मेहनतकश जनता को रौंदती हैं. सत्ता इनके हाथ में रहते, ये
गरीब जनता का सब कुछ हड़पकर अमीरों और सेठों की तिजोरी में बंद कर देना चाहती हैं.