११ जुलाई की राष्ट्रव्यापी
अनिश्चितकालीन हड़ताल को
आम राजनीतिक हड़ताल में
बदलते हुए
मजदूर-किसान सरकार की
स्थापना के लिए
संघर्ष को आगे बढ़ाओ!
साथियो,
११ जुलाई से रेल मजदूरों की
देशव्यापी, अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होने वाली है, जिसमें १३ लाख रेल कर्मचारी
भाग लेंगे. १९७४ के बाद यह पहली देशव्यापी, अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी. हड़ताल की फौरी
और प्रमुख मांगें हैं: सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों और नई पेंशन नीति पर
पुनर्विचार, न्यूनतम वेतन १८ हज़ार से बढाकर २६ हज़ार, और कर्मियों के रिक्त पदों पर
नियुक्तियां. रक्षा और डाक-तार सहित कुछ और क्षेत्रों में भी कर्मियों ने इस हड़ताल
में भाग लेने की घोषणा कर दी है, जिससे हड़तालियों की कुल संख्या ३५ लाख के पार जा
सकती है.
इस दृष्टि से, ११ जुलाई की यह
हड़ताल, बहुत महत्वपूर्ण है. यह हड़ताल, पूंजीवादी सरकार की चूल हिला सकती है, उसे घुटनों
पर ला सकती है और पूंजीपतियों के नेतृत्व वाली सत्ता के लिए मजदूर वर्ग की ओर से बड़ी
चुनौती बन सकती है.
इस उद्देश्य को हासिल करने
के लिए, हड़ताल को व्यापकतम आधार देना होगा. इसे अलग-थलग पड़ने से बचाने और प्रभावी
बनाने के लिए, मजदूरों, कर्मियों के अधिकाधिक हिस्सों को, विशेषतः रणनीतिक रूप से
महत्वपूर्ण उद्योगों और सेवाओं में लगे मजदूरों को, इस हड़ताल में खींचा जाना चाहिए.
इसके लिए देश भर में मजदूरों, कर्मियों के दूसरे हिस्सों को प्रभावित करने वाली आम
आर्थिक, राजनीतिक मांगों को जोड़ते, उठाते हुए, हड़ताल को आम राजनीतिक हड़ताल में
बदलते हुए, पूंजीवादी सरकार के विरुद्ध क्रान्तिकारी संघर्ष की ओर मोड़ा जाना
चाहिए.